Ramdevpir Jamma Jagran History

Ramdevpir Jamma Jagran History

Ramdevpir Jamma Jagran  – जम्मा जागरण से आप सभी भली भाति परिचित होंगे । आप सभी ने माता के जगरातों मे भाग तो अवश्य ही लिया होगा जिसमे मा आदिशक्ति की भक्ति की जाती है । जहा माता के भक्त पूरी रात्री माता के भजनों का गायन करते करते है । ठीक इसी तरह बाबा रामदेवजी के बाबा की भक्ति के लिए पूरी रात भजनों का गायन करते है ।

आज के इस आर्टिकल मे हम आपको बाबा रामदेवजी के जम्मा जागरण के बारे मे बताएंगे की जम्मा जागरण का आयोजन क्यों तथा किस कारण किया जाता है ।

Ramdevpir Jamma Jagran
Ramdevpir Jamma Jagran

रामदेव पीर के जम्मा जागरण मे क्या होता है – Ramdevpir Jamma Jagran

जम्मा जागरण भक्तों द्वारा आपने आराध्य की भक्ति करने का माध्यम होता है जिसके द्वारा सभी भक्त एक ही जगह पर एकत्रित होकर अपने आराध्य की भक्ति करते है ।  जम्मा जागरण के द्वारा बाबा के भक्तगण  भजन तथा बानियों से अपने आराध्य देव रमापीर की महिमा का प्रचार प्रसार करते हैं।   बाबा रामदेव के भक्त पूरी रात बाबा के भजनों का गायन कर बाबा की भक्ति करते है ।

रामदेव पीर के जम्मा जागरण की शुरुआत Ramdevpir Jamma Jagran

बाबा रामदेव जी के जम्मा जागरण की शुरुआत रामदेव जी के काल में ही उनकी परम भक्त डाली बाई ने शुरू कर दी थी ।बाबा रामदेव जी के महिमा का प्रचार-प्रसार करने के लिए डाली बाई अपने प्रभु रामदेव जी के भजनों का गायन करती थी । ये  भजन कीर्तन बाबा रामदेव जी तथा डाली बाई की समाधि के बाद अधिक बढ़ गए।

बाबा रामदेव जी के भक्त  देर रात तक बाबा रामदेव जी के भजनों का गायन करने लगे । आज भी बाबा रामदेव जी के भक्त बाबा की भक्ति मे मगन होकर भजनों तथा बनियों का गायन करते हैं।  रात्रि जागरण में लोग बाबा की भक्ति मे पूरी रात व्यतीत कर देते हैं ।

रामदेव पीर के जम्मा जागरण सर्वाधिक प्रचलन

जम्मा जागरण का राजस्थान तथा गुजरात में सर्वाधिक प्रचलन है ।इसका मुख्य कारण देखा जाए तो यह है बाबा रामदेवजी को सबसे ज्यादा गुजरात के लोगों द्वारा पूजा जाता है । अगर बाबा की भक्ति की बात की जाए तो गुजरात सबसे अग्रहनी रहता है । इसका यह मतलब नहीं की बाकी राज्य बाबा को नहीं पूजते , पर गुजरात की बात ही कुछ अलग है । गुजरात मे तो किसी न किसी दिन बाबा के जागरण का आयोजन होता ही रहता है ।

अब बात करे राजस्थान की तो राजस्थान मे भी जम्मा जागरण का सर्वाधिक प्रचलन है क्युकी राजस्थान बाबा रामदेवजी की जन्म स्थली और समाधि स्थली है । यहा जम्मा जागरण का महत्व बहुत ही ज्यादा है । और अगर आप बाबा रामदेवजी की समाधि स्थली रामदेवरा चले जाए तो वहा आपको हर शुक्ल पक्ष की एकादशी को बाबा के जागरण मे शामिल होने का मौका मिल जाता है ।

 

जम्मा जागरण की मान्यता

ज्यादातर बाबा रामदेवजी का जम्मा जागरण शुक्ल पक्ष की दूज तथा ग्यारस को किया जाता है ।  रामदेव जी के जागरण ज्यादातर भजनों का गायन मेघवंशी समाज के बंधुओं के द्वारा किया जाता है । बाबा के जागरण को लेकर कुछ लोगों का कहना है कि अगर जागरण की शुरुआत अगर मेघवंशी के भजनों द्वारा नहीं किया जाता है तो वह जागरण अधूरा रह जाता है इसलिए बाबा रामदेव जी के जागरण में शुरुआत 5 भजन मेघवंशी कलाकारों के द्वारा गाए जाते हैं।

वर्तमान समय में बाबा रामदेव जी के समाधि स्थल रामदेवरा में प्रत्येक शुक्ल पक्ष की एकादशी के दिन मंदिर के प्रवेश द्वार पर जागरण का आयोजन किया जाता है । यह जागरण मध्य रात्रि तक चलता है इस जागरण में आए बाबा के भक्तों के सुंदर व सुरीले भजनों पर थिरकते हुए नजर आते हैं।

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