Ramdevra Mela 2024 कब है

Vivek vyas
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Ramdevra Mela 2024

Bhadwa Mela 2024 kab hai 

Ramdevra Mela  2024 :रामदेवरा में बाबा रामदेवजी के भादवा मेला का भव्य आयोजन किया जाता है। रामदेवजी राजस्थान के पश्चिमी क्षेत्र के एक लोक देवता हैं।

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15वी. शताब्दी के प्रारंभ में भारत में छुआछूत, हिंदू-मुस्लिम झगडों ,लूट खसोट आदि के कारण स्थितिया बड़ी विकट बनी हुई थी।

ऐसे विकट समय में पश्चिम राजस्थान के पोकरण नामक नगर से 12km पास रुणिचा नामक स्थान में तोमर वंशीय राजपूत शासक अजमाल जी के घर चेत्र शुक्ला पंचमी वि.स. 1409 को बाबा रामदेव जी ने अवतार लिया ।

जिन्होंने समाज में व्याप्त अत्याचार, छुआछुत का विरोध कर सभी समाज को एक राह पर लाने का प्रयास किया।

Ramdevra Mela 2024 से जुडी सम्पूर्ण जानकारी आपको इस आर्टिकल में मिलेगी  

Ramdevra Mela 2024 कब है
Ramdevra Mela 2024 कब है

रामदेवरा मंदिर मे क्या क्या सुविधा दी जाती है ?  

Ramdevra Mela 202  के दौरान बाबा के भक्तों की संख्या लाखों पर हो जाती है । इन्हीं भक्तों की सुविधाओं को लेकर बाबा रामदेव जी के वंशजों द्वारा 2 किलोमीटर तक लोहे के तीन सेट तथा आगे जितने किलोमीटर लंबी लाइन लगती है ।

ज्यादा भीड़ को देखते हुवे ramdevra mela 2023 मे  टीन सेड  500 मीटर और  बढ़ा दिए गए है । 

रामदेवरा मे  अस्थाई टेंट एवं पीने के पानी तथा लाइट एवं पंखों की व्यवस्था की जाती है । समाधि स्थल को इस समय अंतराल में फूलों से सजाया जाता है।

अतिरिक्त कर्मचारी लगाए जाते हैं सरकार द्वारा अस्थाई चिकित्सालय लगवाएं जाते हैं।

साथ ही भक्तों की सुरक्षा के लिए पुलिस कर्मचारी लगवाए जाते हैं और हर मुमकिन हो सके जितनी बाबा के भक्तों को सुविधाएं दी जाती है ।

रामदेव पीर की आरती 

बाबा रामदेव जी  समाधि स्थल पर कुल 5 आरतियां की जाती है । सर्वप्रथम प्रातः काल अभिषेक के समय बाबा रामदेवजी की पहली आरती जो कि प्रात काल 4:30 बजे होती है ।

बाबा रामदेव जी की दूसरी आरती जिसे वो आरती के नाम से भी जाना जाता है ।वह सुबह 8:00 बजे की जाती है।

तत्पश्चात दोपहर के समय बाबा की तीसरी आरती 4:00 बजे होती है। रामदेव जी की चौथी की आरती शाम 7:30 बजे जाती हैं।

बाबा रामदेव जी की अंतिम आरती जिसे मंगलाआरती के नाम से भी जाना जाता है। जो मंदिर के मंगल करने से पूर्व 9:00 बजे की जाती है।

कभी कबार कुछ आरती समय अंतराल में बदलाव भी कर दिया जाता है।

विशेष तौर पर बाबा रामदेव जी की दूज को आरती का समय 4:00 बजे या फिर 4:30 बजे रहता है तथा सर्दियों में 5:00 बजे कर दिया जाता है।

Baba ki beej  bhadwa me kab hai ?  Ramdevra Mela  2024

 बाबा रामदेवजी का Ramdevra Mela  2024 हर साल की तरह इस साल भी बाबा के भक्तो की भरी संख्या के साथ लगेगा। 

बता दे की भादवा मेला हर वर्ष भाद्रपद मास लगने के साथ ही शुरू हो जाता है परन्तु सरकारी पन्नो में भादवा मेला भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की दूज  से शुरू होकर भाद्रपद की शुक्ल पक्ष की ग्यारस  तक चलता है। 

वैसे तो बाबा के श्रद्धालु भादवा से पहले ही आना शुरू हो जाते है परन्तु इस बार भादवा मेला 05 सितंबर  को शुरू हो जाएगा।

भाद्रपद मास की दूज के दिन बाबा की समाधी को पंचामृत से नहलाकर स्वर्ण मुकुट पहनाकर Ramdevra Mela  2024  आगाज होगा। 

भादवा मेला की कहानी  – Bhadwa Mela 2024

पश्चिमी राजस्थान का कुंभ कहां जाने वाला भादवा मेला प्रतिवर्ष भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की द्वितीया से शुरू होकर ग्यारस तक लगता है।

इस मेले में लाखों की संख्या में भक्तगण बाबा के दर्शनों को आते हैं। पश्चिमी राजस्थान का यह मेला राजस्थान का सबसे लंबा चलने वाला मेला है।

यह मेला राजस्थान के लोक देवता बाबा रामदेव जी को समर्पित है जिन्हें राजस्थान में ही नहीं अपितु भारत के सभी हिस्सों में माना व पूजा जाता है।

बाबा रामदेव जी राजस्थान के एकमात्र ऐसे लोक देवता है जिनके पद चिन्हों की पूजा की जाती ।

यह मेला बाबा रामदेव जी के समाधि लेने तथा उनकी याद के अवसर पर भरता है। यह मेला बाबा रामदेव जी की जन्म तिथि से शुरू होकर बाबा रामदेव जी की समाधि तिथि तक चलता है।

रामदेव पीर का मेला लगने का कारण 

रामदेव पीर का मेले का मुख्य कारण अगर देखा जाए तो यही है कि बाबा रामदेव जी ने अपने संपूर्ण जीवन में हिंदू मुस्लिम एकता और ऊंच-नीच तथा जाति भेदभाव को भूलाकर एक साथ रहने के संदेश दिए थे ।

तथा  उन्होंने इसी इच्छा को लेकर रुणिचा नगर को बसाया था और समाधि लेते समय उनका अंतिम उपदेश भी यही था।

अतः बाबा रामदेव जी के अंतिम उपदेश और उनके चमत्कारों तथा उनके सपने को साकार करते हुए प्रतिवर्ष बाबा रामदेव जी की समाधि पर लाखों लोग माथा टेकते हैं जिनमें किसी प्रकार का भेदभाव ना करके हिंदू मुस्लिम सिख तथा ईसाई सभी धर्मों के लोग एक ही स्थान पर आकर बाबा के दर्शन करते हैं।

बाबा रामदेव जी के मेले के नाम 

पश्चिमी राजस्थान के जैसलमेर जिले के पोकरण तहसील के रामदेवरा गांव में प्रतिवर्ष भाद्रपद मास में बाबा रामदेव जी का भव्य मेला लगता है जिसे लोग भादवा मेला के नाम से भी जानते हैं।

बाबा रामदेव जी के भक्तों द्वारा इस मेले को कई नामों से संबोधित किया जाता है जिनमें बाबा रामदेव जी का मेला, रुणिचा मेला, रामदेवरा मेला ,भादवा मेला ,रामापीर ना मेला, पश्चिमी राजस्थान का कुंभ जैसे नामों से जाना चाहता है। 

बाबा के भक्तों द्वारा पूछे जाने वाले सामान्य प्रश्न -Ramdevra Mela  2024

भादवा की दूज कब है 2024 ? 

इस बार 2024 में भादवा बीज 05 सितंबर को है।

बाबा रामदेव जी का Ramdevra Mela  2024 में कब है ?

बाबा रामदेव जी का 640 वा मेला आगामी 05 सितंबर 2024 भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की द्वितीय से शुरू होगा।

पश्चिमी राजस्थान का कुंभ मेला कब है ? 

पश्चिमी राजस्थान का कुंभ कहा जाने वाला भादवा मेला जो बाबा रामदेव जी को समर्पित है वह वर्ष 2024 में 05  सितंबर को शुरू होगा।

जोधपुर से रामदेवरा कितनी दूर पड़ता है?

जोधपुर से रामदेवरा 180 किलोमीटर दूर है। 

रामदेवरा का प्राचीन नाम क्या था?

Ramdevra  का प्राचीन नाम रूणिचा था। 

रामदेवरा  मे भोजनशाला की शुरुआत – Ramdevra Bhojanshala 

ramdevra mela 2023 मे बाबा रामदेव समाधि स्थल , रामदेवरा मंदिर मे भोजनशाला की शुरुआत की गई है अब बाबा के आने वाले भक्तों को रामदेवरा ,रानुजा मे भोजन की सुविधा निशुल्क उपलब्ध कारवाई जाएगी । 

ये सब बाबा रामदेव समाधि स्थल के द्वारा भक्तों के लिए उपलब्ध कारवाई जा रही है जिसकी शुरुआत 1 सितंबर 2023 से की गई है Ramdevra Bhojanshala

रामदेवरा भोजनशाला कहा स्थित है ? भोजनशाला location in Ramdevra  

 रामदेवरा मंदिर  के निकट रामसरोवर तालाब स्थित है उसके निकट ही निशुल्क भोजनशाला मोजूद है |

Ramdevra Mela 2024 के दौरान रामदेवरा मंदिर का खुलने का समय बदला गया ? 

Bhadwa Mela 2024 timing 

रामदेवरा भादवा मेला 2023 के दौरान ज्यादा भीड़ होने के कारण मंदिर के खुलने का टाइम बढ़ा दिया गया है । 

3 सितंबर 2024 से मंदिर का समय सुबह 3 बजे से रात्री 12 बजे तक कर दिया गया है जिस से यात्रियों को आराम से दर्शन हो जाए अब रामदेवरा मंदिर भादवा मेला 2024 मे सिर्फ 3 घंटे के लिए ही बंद रखा जाएगा । 


 

 

 

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