Naga Panchami || नाग देवता की पूजा और महत्त्व

ghanshyam kumawat
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Naga Panchami || नाग देवता की पूजा और महत्त्व

Naga Panchami || नाग देवता की पूजा और महत्त्व

श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नागपंचमी का पर्व मनाया जाता है। इस दिन नाग मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है और भक्त नागदेवता के दर्शन व पूजा करते हैं। सिर्फ मंदिरों में ही नहीं बल्कि घर-घर में इस दिन नागदेवता की पूजा करने का विधान है।

Naga Panchami || नाग देवता की पूजा और महत्त्व
Naga Panchami || नाग देवता की पूजा और महत्त्व

नागपंचमी का महत्त्व

पंचमी का उत्सव हिंदू परंपरा में विशेष महत्त्व रखता है। इस दिन नागदेवता की पूजा करने से नाग-दोष से मुक्ति मिलती है, जो जातक को सांपों से होने वाले भय को दूर करता है। नागपंचमी को धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण माना जाता है।

नागपंचमी की पूजा विधि

Naga Panchami पूजन विधि

नागपंचमी के दिन जल्दी उठकर स्नान करें। स्नान के बाद भगवान शंकर का ध्यान करें, उनके आभूषण के रूप में ही नागों की पूजा करें। शिव का अभिषेक करें, उन्हें बेलपत्र और जल चढ़ाएं।

नागों की पूजा

शिवजी के गले में विराजमान नागों की पूजा करें। नागों को हल्दी, रोली, चावल और फूल अर्पित करें। चने, खील बताशे और थोड़ा सा कच्चा दूध भी अर्पित करें।

आराधना

घर के मुख्य द्वार पर सर्प की आकृति बनाएं और उसे पूजा करें। इससे घर में आने वाली विपत्तियां टल जाती हैं और आर्थिक लाभ होता है।

मंत्र जाप

‘अनन्तं वासुकिं शेषं…’ मंत्र का जाप करें और घर में जल छिड़कें।

 प्रार्थना और प्रसाद

नागदेवता की आरती करें और प्रसाद बांटें।

नागों की महिमा || Naga Panchami

नागपंचमी पर, नागों के महत्त्वपूर्ण रूप में प्रमुखता रखने वाले नागों के बारे में भी जानकारी होनी चाहिए।

तक्षक नाग

धर्म ग्रंथों के अनुसार, तक्षक पातालवासी आठ नागों में से एक है।

कर्कोटक नाग

कर्कोटक शिव के एक गण हैं। मान्यता है कि उनकी पूजा से सर्प पीड़ा नहीं होती।

 कालिया नाग

कालिया नाग यमुना नदी में अपनी पत्नियों के साथ निवास करता था।

नागपंचमी के दिन, नागों की पूजा से आध्यात्मिक शक्ति और धन की प्राप्ति होती है। इस उत्सव में पूजा करने से ज्योतिष में नाग पंचमी का विशेष महत्त्व है।

इस पर्व के दिन नागों की पूजा और उपासना करने से जीवन में सांपों से आने वाले भय को दूर किया जा सकता है। अतः, इस नागपंचमी पर नागों की पूजा का विशेष महत्त्व है।

Naga Panchami का महत्त्व ज्योतिष में

कुछ लोगों की कुंडली में राहु-केतु की स्थिति ठीक नहीं होती, तो उन्हें नागपंचमी के दिन की पूजा का लाभ मिलता है। इस दिन को खास तौर पर विषकन्या या अश्वगंधा योग के लोगों को पूजा-उपासना करनी चाहिए। जो लोग सांपों से डरते हैं उन्हें भी इस दिन नागों की पूजा करनी चाहिए।

Naga Panchami: नागों की कृपा पाने का विशेष दिन

नागपंचमी एक महत्त्वपूर्ण पर्व है जो हिंदू संस्कृति में नागदेवता के प्रति श्रद्धाभाव और समर्पण का प्रतीक है। इस दिन कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना चाहिए ताकि हम नागों की कृपा प्राप्त कर सकें।

भूमि खोदना और साग काटना

नागपंचमी के दिन भूमि खोदना या साग काटना न करें। यह नागों को अपने घर बुलाने का संकेत माना जाता है, इसलिए यह किया जाना उचित नहीं होता।

 उपवास के दौरान भूमि की खुदाई

जो भक्त नागपंचमी के दिन उपवास करते हैं, उन्हें सायंकाल में भूमि की खुदाई नहीं करनी चाहिए।

धरती पर हल न चलाएं

इस दिन धरती पर हल न चलाएं, क्योंकि नागपंचमी पर हल चलाने से नागों को नुकसान पहुंच सकता है।

 विभिन्न कार्यों में रोक

कई स्थानों पर नागपंचमी के दिन सिलाई, आदि जैसे कार्यों को भी नहीं किया जाता है। इससे नागों का आशीर्वाद प्राप्त नहीं हो सकता।

आग पर खाना पकाना

नागपंचमी के दिन आग पर खाना पकाना भी अशुभ माना जाता है।

 नई फसल का प्रयोग

किसान लोग नागपंचमी के दिन नई फसल का तब तक प्रयोग नहीं करते जब तक वह उसे बाबे पर नहीं चढ़ाते।

राहु-केतु से परेशान हों तो क्या करें?

अगर राहु-केतु से संबंधित समस्याएं हैं तो एक बड़ी सी रस्सी में सात गांठें लगाकर सर्प का प्रतीक बना सकते हैं। इसे स्थापित करने के बाद, राहु और केतु के मंत्रों का जाप करें और उन्हें जल में प्रवाहित करें। इससे राहु और केतु से संबंधित समस्याएं दूर हो सकती हैं।

सांप से डर और सपने

अगर आपको सांप से डर लगता है या सांप के सपने आते हैं, तो चांदी के सांप बनवाने और पूजने से इस डर को दूर किया जा सकता है।

निष्कर्ष

नागपंचमी पर हमें नागदेवता के प्रति श्रद्धा और समर्पण दिखाना चाहिए। इस दिन हमें नागों की कृपा पाने के लिए कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना चाहिए, ताकि हमारा जीवन सुरक्षित और सुखमय रहे।

GANGA DASAHARA 

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