Khatu Shyam Mela 2024 , shyam mandir lakhi mela date

ghanshyam kumawat
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Khatu Shyam Mela 2024

Khatu Shyam Mela 2024 : हारे के सहारे श्याम बाबा जिन्हे भगवान श्री कृष्ण ने कलयुग मे श्याम बाबा के नाम से पूजे जाने का आशीर्वाद दिया था , इसी कारण श्याम बाबा को पूरे भारतवर्ष मे पूजा जाता है । बाबा श्याम का प्रतिवर्ष कार्तिक मास मे एकादशी के दिन जन्मोत्सव मनाया जाता है । श्री श्याम मंदिर मे प्रतिवर्ष फाल्गुन मास मे  मेला लगता है ,जिसे लक्खी मेला या फाल्गुन मेला कहा जाता है । इस आर्टिकल मे हम Khatu Shyam Mela 2024 के बारे मे जानेंगे ||

श्याम बाबा का लक्खी मेला फाल्गुन के आठ दिनों तक लगता है , जिनमे ग्यारस का दिन मुख्य होता है । मेले के समय श्याम बाबा के यहा लाखों की संख्या मे बाबा के भक्त दर्शन करने आते है । आइए बाबा श्याम के लक्खी मेले के बारे मे विस्तार से जानते है की मेले मे क्या क्या व्यवस्था होती है तथा मेले की क्या विशेषता है ।

खाटू श्याम जी का फाल्गुन मेला 2024

फाल्गुन मेला 2024  श्याम बाबा का मुख्य मेला है ।Khatu Shyam ji  के फाल्गुन मेले को लक्खी मेला भी कहा जाता है । फाल्गुन मेला हिन्दू कलेंडर के फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष की षष्ठी से शुरू होकर द्वादशी तक चलता है । मेले का मुख्य दिन एकादशी होता है इस दिन भक्तों का लाखों की संख्या मे जनसैलाब खाटू मे इकठ्ठा होता है ।

Shyam Mela 2024 मे भारत के कोने कोने से श्याम बाबा के भक्त अपनी मनोकामनाओ की अर्जी लिए श्याम बाबा के यहा माथा टेकने आते है । श्याम बाबा के  मेले Khatu Shyam Mela  मे आए सभी भक्तों की सभी मनोकामनाए पूरी करते है । मेले मे बाबा के भक्त हाथों मे निशान लेकर सैकड़ों किलोमीटर की दूरी पैदल चलकर श्याम बाबा के दर्शन के लिए आते है ।

खाटू श्याम का जन्मदिन 2024 – खाटू मेला

शीश के दानी श्याम बाबा अपने भक्तों मे अपना एक विशेष स्थान रखते है । श्याम बाबा के यहा प्रतिदिन भक्तों का तांता लगा ही रहता है परंतु जब बाबा का जन्मोत्सव आता है तब श्याम बाबा के भक्तों मे एक विशेष उत्साह देखने को मिलता है । श्याम बाबा का जन्मदिन प्रतिवर्ष कार्तिक  मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी को जोरों सोरो से मनाया जाता है ।

बाबा खाटू  के जन्मोत्सव पर श्याम बाबा के भक्तों द्वारा बाबा के लिए विशेष प्रसाद का आयोजन किया जाता है । एकादशी के दिन बाबा के भक्तों द्वारा रात्री जागरण तथा भजन संध्या का आयोजन किया जाता है । एकादशी के दिन श्याम बाबा के भक्तों के द्वारा विशेष पूजा और आरती का आयोजन किया जाता है ।

Khatu Shyam Mela 2024

श्याम बाबा के लिए प्रसाद  – Khatu Shyam Mela 2024

श्याम बाबा के भक्तों के द्वारा श्याम के लिए मुख्यतः पंचमेवे का भोग लगाया जाता है । श्याम बाबा के दर्शनों को आने वाले भक्त श्याम बाबा के प्रसाद के रूप मे चूरमा तथा मेवे के पेड़े का भोग भी लगाते है । परंतु बाबा को इन सभी की आवश्यकता नहीं बाबा को सच्चे मन से जो कुछ भोग लगाओ वो बाबा के लिए 56 भोग से कम नहीं ।

किसी ने सही ही कहा है की भगवान तो प्रेम के भूखे होते है । भगवान को प्रेम और सच्ची श्रद्धा से कुछ भी अर्पण करो वो उनके लिए एक भक्त का प्रेम प्रसाद है , चाहे वो एक चावल का दाना ही क्यू न हो ।

लक्खी मेला क्यों लगता है, क्या है खास – lakhi mela 2024

lakhi mela 2024 : लक्खी मेले का आयोजन प्रतिवर्ष फाल्गुन मास मे किया जाता है । श्याम बाबा के लक्खी मेले का संबंध सीधा महाभारत काल से है । खाटू श्याम जी महाभारत काल मे भीम पौत्र बर्बरीक थे । बर्बरीक ने भगवान श्री कृष्ण के हाथों से मुक्ति पाने के लिए फाल्गुन मे ही द्वादशी के दिन ही द्वारकाधीश श्री कृष्ण को अपना शीश दान मे दिया था ।

श्याम बाबा के मेले के भक्तों का विशाल जनसैलाब लगता है । बाबा के फाल्गुन मेले मे बाबा के भक्तों द्वारा गुलाल  बाबा को चढ़ाया जाता है , lakhi mela 2024 मेले का आयोजन होली के दिनों मे होता है ।

श्री श्याम बाबा का जन्मदिन 2024 मे 12 नवम्बर  को है ।

Khatu Shyam Mela 2024 इन बातों का रखएं ध्यान

  1. श्याम बाबा के मेले मे आए सभी श्रद्धालुओ को अपने वाहनों को निश्चित पर्किग मे खड़ा करना चाहिए ताकि बाबा के भक्तों को परेशानी का सामना न करना पड़े ।
  2. मेले आए सभी भक्तों को अपने अपने समान की स्वयं हिफाजत करनी चाहिए ।
  3. मंदिर मे जाते व्यक्त मोबाईल का प्रयोग नहीं करना चाहिए ।
  4. दर्शन के लिए मंदिर से निकलते व आते समय किसी के साथ धक्का मुक्की नहीं करे ।
  5. मंदिर परिसर मे सफाई का ध्यान रखते हुवे गंदगी नहीं फैलावे ।
  6.  बाबा के निशान को कही भी नहीं रखे ।
  7. मंदिर मे प्रसाद के अलावा कोई भी सामग्री नहीं ले जावे ।

जिला प्रशासन ने जारी किए आदेश Khatu Shyam Mela 2024

खाटू श्याम जी फाल्गुन मेले को ध्यान मे रखते हुवे जिला प्रशासन द्वारा मेले को सफल बनाने के लिए मंदिर समिति के बैठक ली गई । बैठक मे मेले की सुविधा के लिए हर संभव व्यवस्था करने को कहा । जिला प्रशासन ने लक्खी मेले को कैमरों की निगरानी मे रखा जाएगा । वाहनों के पार्किंग हेतु उचित व्यवस्था हेतु पुलिस बेरीगेट लगाए जाएंगे ताकि पार्किंग व्यवस्था को अच्छा कर सके ।

प्रशासन ने लोगों से कम से कम निजी वाहन का उपयोग करने हेतु आग्रह किया ताकि पार्किंग व्यवस्था को अच्छा किया जा सके ।

व्यवस्थाएं श्री श्याम मंदिर खाटू सीकर

फाल्गुन मेले को ध्यान मे रखते हुवे मंदिर के द्वारा श्रद्धालुओ के लिए उचित व्यवस्था की गई । यात्रियों की सुविधा हेतु पानी तथा दर्शन हेतु अतिरिक्त लाइनों की भी व्यवस्था की जाएगी । प्रशासन के द्वारा पूरे मंदिर परिसर मे पुलिस तैनात की जाएगी ताकि मंदिर परिसर मे किसी तरह से कोई भगदड़ नहीं हो ।

प्रशासन ने मेले मे अतिरिक्त पुलिस सुरक्षा बाल तैनात करने की योजना बनाई है और साथ ही पूरे मेला परिसर को सीसीटीवी कैमरों की निगरानी की जाएगी ताकि पूरे मेले पर प्रशासन की नजर रहे ।

निशान यात्रा खाटू मेला 2024

खाटू श्याम जी के फाल्गुन मेले मे श्याम बाबा के भक्तों द्वारा निशान यात्रा का आयोजन किया जाता है । इस निशान यात्रा मे बाबा के भक्त दूर दूर से हाथों मे निशान लिए और निशान के साथ नारियल बांध कर खाटू की पैदल यात्रा करते है । इस यात्रा मे बाबा के भक्त भारत के कोने कोने से आते है जिनमे कुछ लोग बाबा के दंडवत यात्रा करते है ।

निशान यात्रा मे बाबा के भक्त बैंड बाजों के साथ नाचते गाते बाबा की झांकी साथ लिए खाटू पहुचकर बाबा श्याम के दर्शन करते है ।

खाटूश्यामजी मंदिर के शिखर पर सूरजगढ़ का निशान ही क्यों चढ़ता है श्री खाटू श्याम सीकर

खाटू श्याम जी मंदिर के शिखर पर सूरजगढ़ का निशान ही लगाया जाता है क्योंकि खाटू श्याम जी समिति के द्वारा ही कई वर्षों पूर्व यह निर्णय लिया गया था की मंदिर के शिखर पर केवल सूरजगढ़ का ही निशान लगाया जायेगा । तभी से ही खाटू श्याम जी के शिखर पर सूरजगढ़ का निशान लहराता आ रहा है ।

बाबा के भक्तों द्वारा लाए गए निशान बाबा के मंदिर परिसर मे ही रखे जाते है । सूरजगढ़ का निशान ही एकमात्र ऐसा निशान है जो हमेशा मंदिर शिखर पर लहराता रहता है ।

बाबाश्याम के मेले का ये है पदयात्रा मार्ग

श्री श्याम बाबा की मेले की पदयात्रा सूरजगढ़ से शुरू होकर गढ़ा से होते हुवे खाटू श्याम पहुचती है । इस यात्रा की लगभग दूरी 150 किलोमीटर है जो करीबन 90 घंटों के अनर्गत पूरी होती है । इस पदयात्रा मे  बाबा के भक्त निशान को अपने हाथों मे लिए हुवे श्याम बाबा जयकारे लगाते हुवे नाचते गाते हुवे बाबा के दर्शनों के लिए श्याम दरबार मे पहुचते है ।

लाइव दर्शन 2024 khatu shyam ji

श्री श्याम मंदिर की समिति के द्वारा भक्तों के दर्शन की सुविधा को बढ़ाते हुवे लाइव दर्शन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी । बाबा के भक्तों को श्याम बाबा के दर्शन आसानी से हो उसके लिए पूरे मंदिर परिसर मे एलईडी टीवी की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी । साथ ही भक्तों को घर पर श्याम बाबा के दर्शन के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से दर्शन कराने की व्यवस्था की जा रही है ।

वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी बनाया ,खाटू श्याम

खाटू श्याम जी मंदिर परिसर मे वर्षा जल को संग्रहीत करने के लिए रैन वाटर हार्वेस्टिंग सीस्टम बनाया गया है । इस सिस्टम के द्वारा वर्षा ऋतु मे वर्षा जल को संग्रहीत करने के लिए मदिर परिसर की छत के सभी जल को एक पाइप के द्वारा जल संग्रह टंकी मे उतारा जाएगा । इस वर्षा जल का उपयोग मंदिर परिसर की प्रतिदिन जल की आवश्यकता को पूरा किया जाएगा ।

Khatu Shyam Ji Falgun Mela 2024

तृतीया: मंगलवार 12 मार्च 2024

चतुर्थी: बुधवार 13 मार्च 2024

पंचमी: गुरूवार 14 मार्च 2024

सष्ठी: शुक्रवार 15 मार्च 2024

सप्तमी: शनिवार 16 मार्च 2024

अष्टमी: रविवार 17 मार्च 2024

नवमी: सोमवार 18 मार्च 2024

दशमी: मंगलवार 19 मार्च 2024

ग्यारस: बुधवार 20 मार्च 2024

बारस: गुरूवार 21 मार्च 2024

 

खाटू श्याम जी का मेला कहां लगता है?

श्याम बाबा का मेल राजस्थान के सीकर जिले के खाटू ग्राम मे लगता है ।

 

लक्खी मेला वर्ष में कितनी बार लगता है?

लक्खी मेल प्रतिवर्ष फाल्गुन मे लगता है ।

 

खाटू श्याम जी का मेला कब है 2024?

बाबा  श्याम जी का मेला  2024 मे 12 मार्च से शुरू होगा ।

खाटू श्याम का जन्मोत्सव कब मनाया जाता है?

श्याम बाबा ल जन्मोत्सव प्रतिवर्ष कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी के दिन मनाया जाता है ।

 

खाटू वाले का जन्मदिन कब है 2024?

श्री श्याम बाबा का जन्मदिन 2024 मे 12 नॉवम्बर को है ।

और जाने खाटू श्याम जी के बारे मे –
खाटू श्याम जी का इतिहास 
खाटू श्याम जी के मंदिर का इतिहास 

 

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